माता महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने तथा आर्थिक उन्नति, धन-संपदा एवं समृद्धि में वृद्धि के लिए शुभ माना जाता है।
जिनकी कुंडली में शनि ग्रह अशुभ या कमजोर हो, उनके लिए यह रुद्राक्ष विशेष लाभकारी माना जाता है। यह शनि के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में सहायक माना जाता है।
जीवन में सुख, शांति, संतुलन एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में सहायक माना जाता है।
व्यापार, नौकरी एवं नए अवसरों में सफलता प्राप्त करने तथा आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
मानसिक तनाव, भय एवं चिंता को कम कर आत्मविश्वास एवं धैर्य बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
आध्यात्मिक उन्नति, पारिवारिक सुख-शांति एवं ईश्वर की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है।
नोट: रुद्राक्ष के आध्यात्मिक एवं ज्योतिषीय लाभ धार्मिक एवं पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। यह किसी भी प्रकार के चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं है।
सात मुखी (7 मुखी) रुद्राक्ष माता महालक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है तथा यह शनि ग्रह से संबंधित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे धारण करने से धन, समृद्धि, सुख-सम्पन्नता, आर्थिक स्थिरता एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। यह जीवन की बाधाओं को दूर कर सफलता एवं सौभाग्य प्राप्त करने में सहायक माना जाता है।
🔱 अधिष्ठाता देवता: माता महालक्ष्मी
🪐 अधिपति ग्रह: शनि
♑ अधिपति राशि: मकर एवं कुंभ
🌟 अधिपति नक्षत्र: पुष्य, अनुराधा एवं उत्तराभाद्रपद
🔮 बीज मंत्र: ॐ हुं नमः
🕉️ मंत्र साधना: पूर्ण षोडशोपचार पूजन के साथ “ॐ हुं नमः” मंत्र का 1008 बार जप।
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